नालंदा में 1200 वर्ष पुराने दो लघु स्तूपों की खोज
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने बिहार के नालंदा जिले में विश्व विरासत स्थल ‘नालंदा महाविहार’ (Nalanda Mahavihara) के परिसर के भीतर 1200 वर्ष पुराने दो लघु स्तूपों की खोज की है।
- इन दो लघु स्तूपों की खोज एएसआई के अधिकारियों ने 4 जनवरी, 2023 को ‘नालंदा महाविहार’ परिसर के भीतर सराय टीले के पास भूदृश्य निर्माण गतिविधियों के दौरान की गई।
- पत्थर से उकेरे गए ये लघु स्तूप महात्मा बुद्ध की आकृतियों को दर्शाते हैं। पुरातत्ववेत्ताओं के अनुसार ये स्तूप लगभग 1200 वर्ष पुराने हो सकते हैं।
स्तूप क्या हैं?
स्तूप एक गोलार्द्धनुमा संरचना है, जो बुद्ध के समाधि स्थल का प्रतीक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 केरल: ओणम एवं उथ्रादम उत्सव
- 2 पिथौरा पेंटिंग को जीआई टैग
- 3 कम-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन
- 4 भोपाल ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक: सांस्कृतिक सहयोग का नया अध्याय
- 5 सांस्कृतिक विरासत तक डिजिटल पहुंच: भारतीय संस्कृति पोर्टल 2.0
- 6 सूर्यपथ तिरंगा ग्लोबल रिले: 40 देशों की प्रतीकात्मक यात्रा
- 7 राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन: 'मेरा गांव मेरी धरोहर'
- 8 कला संस्कृति विकास योजना (KSVY): भारतीय विरासत का डिजिटल और आर्थिक संरक्षण
- 9 विदेशों में भारतीय संस्कृति का संवर्धन एवं वैश्विक सहभागिता
- 10 सारनाथ: यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भारत की 45वीं उपलब्धि

