तमिल कवि एवं दार्शनिक ‘तिरुवल्लुवर’
16 जनवरी, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तिरुवल्लुवर दिवस (Thiruvalluvar Day) के अवसर पर तमिल कवि और दार्शनिक ‘तिरुवल्लुवर’ (Thiruvalluvar) को श्रद्धांजलि अर्पित की।
- प्रधानमंत्री ने उनके महान विचारों को याद करते हुए युवाओं से तमिल संगम साहित्य कुराल (Kural) पढ़ने का भी आग्रह किया।
तिरुवल्लुवर कौन थे?
तिरुवल्लुवर तमिल संस्कृति में एक सम्मानित व्यक्ति थे। तिरुवल्लुवर को तमिलों द्वारा एक प्राचीन संत, कवि और दार्शनिक के रूप में सम्मानित किया जाता है, भले ही उनका धर्म कुछ भी हो।
- संगम काल के तमिल कवि मामुलानार (Mamulanar) ने उल्लेख किया है कि तिरुवल्लुवर सबसे महान तमिल विद्वान थे।
- प्रसिद्ध तमिल कवि और ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक
- 2 आयुर्वेद पांडुलिपियों का लिप्यंतरण हेतु आयुष मंत्रालय द्वारा कार्यशाला का आयोजन
- 3 राखीगढ़ी के अवशेष: सिंधु-सरस्वती सभ्यता के रहस्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण
- 4 स्वदेशी शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को जीआई (GI) मान्यता
- 5 NCERT पाठ्यपुस्तक में 'डांसिंग गर्ल' की मूल तस्वीर लगाने का निर्णय
- 6 जम्मू-कश्मीर ने सूफियाना संगीत के लिए यूनेस्को (UNESCO) मान्यता की मांग की
- 7 ओडिशा में मिले 15 मिलियन वर्ष पुराने जीवाश्म: प्राचीन समुद्री इतिहास के प्रमाण
- 8 चोल कालीन अनैमंगलम ताम्रपत्र
- 9 पानज़थ नाग चश्मा संरक्षण उत्सव
- 10 भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर मंदिर घोषित

