निष्क्रिय इच्छामृत्यु की प्रक्रिया का सरलीकरण
24 जनवरी, 2023 को न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की 5 न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने ‘लिविंग विल’ (Living Will) से संबंधित मौजूदा दिशा-निर्देशों में बदलाव करके देश में निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की प्रक्रिया को सरल बनाने पर सहमति व्यक्त की।
- ‘लिविंग विल’ से संबंधित ये दिशा-निर्देश सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ‘कॉमन कॉज बनाम यूनियन ऑफ इंडिया वाद’ (2018) में जारी किये गए थे; जिसके तहत देश में निष्क्रिय इच्छामृत्यु को अनुमति प्रदान की गई थी।
मुख्य बिंदु
- वर्तमान मामलाः संविधान पीठ, इंडियन काउंसिल फॉर क्रिटिकल केयर मेडिसिन द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रही थी, ....
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