पारे की अतिचालकता
हाल ही में इटली में स्थित ‘ल’ अक्विला विश्वविद्यालय’ (L'Aquila University) के भौतिकविदों द्वारा पहली बार पारे (Mercury) की अतिचालकता (Superconductivity) के संबंध में सूक्ष्मता से जानकारी प्रदान की गई है। यह अध्ययन हाल ही में प्रसिद्ध जर्नल ‘फिजिकल रिव्यू बी’ में प्रकाशित किया गया।
महत्वपूर्ण बिंदु
- अतिचालकताः किसी प्रतिरोध के बिना विद्युत धारा को प्रवाहित करने की किसी पदार्थ की क्षमता को अतिचालकता कहा जाता है। यह तब होता है जब किसी पदार्थ को क्रांतिक तापमान (Critical Temperature) से नीचे ठंडा किया जाता है।
- खोजः वर्ष 1911 में हेइके केमरलिंग ऑन्स ने पारे में अतिचालकता की खोज की थी। किंतु, ....
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