जाएंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप
जनवरी 2023 में खगोलविदों ने सुदूर स्थित एक आकाशगंगा में परमाणु हाइड्रोजन से उत्पन्न होने वाले रेडियो सिग्नल का पता लगाने के लिए पुणे में स्थित जाएंट मीटरवेव रेडियो टेलिस्कोप [Giant Metrewave Radio Telescope (GMRT)] के आंकड़ों का उपयोग किया।
- ध्यातव्य है कि, परमाणु हाइड्रोजन को किसी आकाशगंगा में तारे के निर्माण हेतु आवश्यक बुनियादी ईंधन माना जाता है।
महत्वपूर्ण बिंदु
- वित्तपोषणः यह शोध-कार्य कनाडा में मैकगिल विश्वविद्यालय तथा भारतीय विज्ञान संस्थान (Indian Institute of Science-IISc) द्वारा वित्त पोषित किया गया था।
- प्रथम पुष्टिः किसी आकाशगंगा से 21 ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 IVRI ने IVF तकनीक से स्वदेशी साहीवाल बछड़ों का उत्पादन किया
- 2 गोवा में पहली NGOPV ‘शची’ (Shachi) का जलावतरण
- 3 तीसरी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी ‘अरिदमन’
- 4 TAK-003 वैक्सीन को मिली मंजूरी
- 5 नो-क्लोनिंग थिओरम
- 6 अर्थक्वेक लाइट्स
- 7 हबल टेंशन
- 8 डिजिटल ह्यूमन्स
- 9 प्रोजेक्ट मेवन
- 10 महिला एथलीटों के लिए SRY जीन परीक्षण अनिवार्य
- 1 भारत का पहला ‘डार्क स्काई रिजर्व’
- 2 लोकल बबल का 3 D चुंबकीय मानचि=
- 3 जेनेरेटिव आर्टिफि़शियल इंटेलिजेंस
- 4 चौथी औद्योगिक क्रांति का केंद्र: हैदराबाद
- 5 आईएनएस वागीर पनडुब्बी
- 6 पृथ्वी-II मिसाइल
- 7 हाइब्रिड इम्यूनिटी
- 8 जेब्राफि़श के संभावित चिकित्सीय प्रभाव
- 9 ट्रांस-वसा के खतरे
- 10 भारतीय टेलीग्राफ़ (अवसंरचना सुरक्षा) नियम, 2022
- 11 पारे की अतिचालकता

