ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफ़ेस (BCI) : सुरक्षित कार्यप्रणाली हेतु प्रक्रियात्मक चुनौतियों की पहचान आवश्यक
हाल ही में एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक, जो ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) विकसित करने के लिए काम कर रही है, ने अपना पहला उपकरण एक मरीज के शरीर में लगाया। ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस को मानव विकास के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है।
- उद्यमी एलन मस्क द्वारा वर्ष 2016 में न्यूरोटेक्नोलॉजी कंपनी ‘न्यूरालिंक स्टार्टअप’ शुरू की गई थी, जो दिमाग और कंप्यूटर के बीच सीधे संचार चैनल बनाने की तकनीक पर काम कर रही है।
- कंपनी द्वारा एक ‘ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस’ (BCI) विकसित किया गया है। इसे इंसान के दिमाग में प्रत्यारोपित (Implant) किया जा सकता है। इससे इंसानी दिमाग ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बच्चों के लिए डिजिटल सुरक्षा: अधिकार, जोखिम और नियामकीय अंतराल
- 2 ऊर्जा सुरक्षा: भारत का नया रणनीतिक दृष्टिकोण
- 3 भारत की जैव-अर्थव्यवस्था: नवाचार, अवसर और नीतिगत चुनौतियाँ
- 4 शहरी भारत की पुनर्कल्पना: एकीकृत, टिकाऊ और भविष्य-उन्मुख बुनियादी ढांचे की ओर
- 5 लोचशील आपूर्ति शृंखलाएँ: भारत की आर्थिक सुरक्षा का एक सुदृढ़ स्तंभ
- 6 भारत में सुदृढ़ नवाचार पारितंत्र का निर्माण: क्षमताएँ और संरचनात्मक बाधाएँ
- 7 प्रतीकात्मकता से परिवर्तन की ओर: भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी
- 8 भारत में गिग कर्मियों के अधिकार: मान्यता बनाम वास्तविकता
- 9 भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु: नैतिक मुद्दे एवं चुनौतियाँ
- 10 संप्रभु ऊर्जा आत्मनिर्भरता: भारत की रणनीतिक आवश्यकता

