भारत का सामरिक व्यापार नियंत्रण ढांचा राष्ट्रीय सुरक्षा और उच्च-प्रौद्योगिकी व्यापार के मध्य संतुलन - नूपुर जोशी

भारत की सामरिक व्यापार नियंत्रण प्रणाली केवल निर्यात विनियमन तक सीमित नहीं है; यह अप्रसार प्रतिबद्धता, सुरक्षा और प्रौद्योगिकीय नेतृत्व के प्रति राष्ट्र के संकल्प को दर्शाती है। फिर भी अनुपालन संबंधी जटिलताएँ, नियामक विलंब और विकासमान प्रौद्योगिकीय जोखिम उच्च-प्रौद्योगिकी व्यापार की संभावनाओं को सीमित करते हैं। जैसे‑जैसे भारत उच्च‑प्रौद्योगिकी आपूर्ति शृंखलाओं में अपनी भूमिका बढ़ा रहा है, वैसे‑वैसे यह ज़रूरी हो गया है कि संवेदनशील प्रौद्योगिकियों और द्वि‑उपयोगी वस्तुओं पर सख़्त निगरानी रखते हुए वैध व्यापार को भी सुगम बनाया जाए। यही संतुलन भारत को एक ज़िम्मेदार शक्ति के रूप में स्थापित करता है, जहाँ सुरक्षा और विकास, दोनों ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री