IIT मद्रास द्वारा रैमजेट-संचालित आर्टिलरी का विकास

  • हाल ही में IIT मद्रास के शोधकर्ताओं ने रैमजेट प्रणोदन से युक्त तोपखाने के गोलों (Artillery Shells) का विकास एवं उनका सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।
  • इसके लिए एक 155 mm के तोपखाना गोले के अंदर रैमजेट इंजन को एकीकृत कर दिया गया, जिसने पारंपरिक बेस-ब्लीड यूनिट (Base-bleed unit) को प्रतिस्थापित किया।
  • रॉकेट-असिस्टेड गोले के विपरीत, यह तकनीक मारक क्षमता (Lethality) को कम किए बिना उसकी दूरी बढ़ाती है। इसके लिए किसी नई तोप की ज़रूरत नहीं, बल्कि ये वर्तमान तोपों से ही दागे जा सकते हैं।
  • प्रारंभिक परीक्षण 76 mm तोप पर किए गए, इसके बाद 155 mm ....
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