श्वेत वामन प्रणाली

हाल ही में वैज्ञानिकों ने नासा के इमेजिंग एक्स-रे पोलराइज़ेशन एक्सप्लोरर (IXPE) का उपयोग करते हुए पहली बार किसी ‘श्वेत वामन प्रणाली’ का अध्ययन केवल एक्स-रे उत्सर्जन के एक बिंदु स्रोत के रूप में नहीं, बल्कि एक संरचित, 3-D खगोलीय परिवेश के रूप में किया।

  • श्वेत वामन तारा तब बनता है जब सूर्य जैसे द्रव्यमान वाले तारे का ईंधन समाप्त हो जाता है और वह एक ‘ग्रहीय नीहारिका’ (Planetary Nebula) छोड़ता है और पीछे केवल उसका गर्म, सघन केंद्र बचता है।
  • यह आकार में लगभग पृथ्वी के बराबर होता है, लेकिन इसका द्रव्यमान सूर्य तुल्य हो सकता है, जिसके कारण ....
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