आदित्य-L1: की नयी खोज

10 जनवरी, 2026 को इसरो ने बताया कि ‘आदित्य-L1’ से प्राप्त जानकारी से यह समझने में सहायता मिली है कि शक्तिशाली सौर तूफान पृथ्वी के मैग्नेटिक फ़ील्ड को किस प्रकार प्रभावित करते हैं।

आदित्य-L1 एवं उसके वैज्ञानिक उद्देश्य

  • आदित्य-L1 भारत का पहला अंतरिक्ष-आधारित सौर मिशन है, जो केवल सूर्य का अध्ययन करने के लिए समर्पित है।
  • यह पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर लैग्रेंज बिंदु-1 (L1) के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित किया गया है, जहाँ पृथ्वी एवं सूर्य के गुरुत्वीय बल संतुलन में रहते हैं।
  • इस बिंदु से आदित्य-L1 को सूर्य का निरंतर एवं बिना अवरोध के ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें

वार्षिक सदस्यता लें मात्र 600 में और पाएं...
पत्रिका की मासिक सामग्री, साथ ही पत्रिका में 2018 से अब तक प्रकाशित सामग्री।
प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा पर अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट पेपर, हल प्रश्न-पत्र आदि।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित चुनिंदा पुस्तकों का ई-संस्करण।
पप्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के चुनिंदा विषयों पर वीडियो क्लासेज़।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित पुस्तकों पर अतिरिक्त छूट।

नियमित स्तंभ