अल्फवेन तरंगें

  • एक हालिया अध्ययन ने सूर्य से जुड़ी एक सदियों पुरानी पहेली का महत्वपूर्ण उत्तर खोज निकाला है कि आखिर सूर्य का बाहरी वायुमंडल (कोरोना) उसकी सतह से लाखों डिग्री अधिक गर्म क्यों है?
  • जहाँ एक ओर सूर्य की सतह यानी फोटोस्फीयर का तापमान लगभग 10,000°F (5,500°C) रहता है, वहीं दूसरी ओर कोरोना का तापमान 20 लाख°F (लगभग 11 लाख°C) तक पहुँच जाता है।
  • इस परिघटना के पीछे चुंबकीय तरंगें (विशेष रूप से अल्फवेन तरंगें) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
  • अल्फवेन तरंगें प्लाज़्मा में बनने वाली विशेष निम्न आवृत्ति वाली विद्युत-चुंबकीय तरंगें होती हैं, जो सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के अनुदिश संचरित होती ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें

वार्षिक सदस्यता लें मात्र 600 में और पाएं...
पत्रिका की मासिक सामग्री, साथ ही पत्रिका में 2018 से अब तक प्रकाशित सामग्री।
प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा पर अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट पेपर, हल प्रश्न-पत्र आदि।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित चुनिंदा पुस्तकों का ई-संस्करण।
पप्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के चुनिंदा विषयों पर वीडियो क्लासेज़।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित पुस्तकों पर अतिरिक्त छूट।

नियमित स्तंभ