जंपिंग जीन

  • 12 दिसंबर, 2025 को प्रकाशित एक अध्ययन में पहली बार यह सामने आया है कि ग्रीनलैंड के सबसे गर्म क्षेत्र में रहने वाले ध्रुवीय भालुओं का एक विशिष्ट समूह अपने डीएनए को तेज़ी से पुनर्लेखित करने के लिए तथाकथित “जम्पिंग जीन” का उपयोग कर रहा है।
  • जंपिंग जीन्स, जिन्हें वैज्ञानिक भाषा में ट्रांसपोजोन (Transposons) या ट्रांस्पोजेबल तत्व (Transposable Elements-TE) कहा जाता है, डीएनए के वे अद्वितीय खंड हैं जो जीनोम (Genome) के भीतर अपना स्थान बदल सकते हैं।
  • इन्हें सबसे पहले 1940 के दशक में मक्का के पौधे में अमेरिकी आनुवंशिकीविद् बारबरा मैक्लिंटॉक (Barbara McClintock) ने खोजा था, जिसके लिए उन्हें ....
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