कठपुतली कला
- हाल ही में जयपुर का कठपुतली नगर, जहाँ पारंपरिक कठपुतली कलाकारों के लगभग 250 परिवार निवास करते हैं, राजस्थान की प्राचीन जीवंत लोक परंपरा कठपुतली कला के संरक्षण के कारण चर्चा में रहा।
- कठपुतली कला का उद्गम राजस्थान में हुआ तथा जयपुर, नागौर, चूरू और सीकर इसके प्रमुख केंद्र हैं; इनमें जयपुर का कठपुतली नगर सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है।
- लगभग 1,000 वर्ष पुरानी मानी जाने वाली यह परंपरा भाट और नट समुदायों द्वारा मेलों, राजदरबारों और उत्सवों में मनोरंजन व शिक्षण के उद्देश्य से प्रस्तुत की जाती थी। ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी
- 2 ग्रेट निकोबार परियोजना: राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम पारिस्थितिकी और आदिवासी अधिकार
- 3 नकली वकील : कानूनी पेशे में संकट
- 4 मई 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 5 पुरस्कार एवं सम्मान
- 6 नियुक्ति और त्यागपत्र
- 7 रक्षा (Defense)
- 8 खेल समाचार
- 9 अर्थव्यवस्था
- 10 पर्यावरण एवं पारिस्थिकी
इतिहास व कला एवं संस्कृति
- 1 ओडिशा के बौद्ध स्थल विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में शामिल
- 2 बागुरुम्बा नृत्य, असम
- 3 पवित्र “पिपरहवा अवशेष”
- 4 लक्कुंडी उत्खनन
- 5 आंध्र प्रदेश में आठवीं शताब्दी का तेलुगु अभिलेख प्राप्त
- 6 भद्रकाली अभिलेख
- 7 ज़ेहनपोरा स्तूप उत्खनन: प्राचीन कश्मीर की बौद्ध धरोहर का अनावरण
- 8 तिरुवल्लुवर
- 9 सावित्रीबाई फुले
- 10 शिक्षापत्री द्विशताब्दी महोत्सव
- 11 इंडोनेशिया में विश्व की सबसे प्राचीन ज्ञात शैल-चित्रकला की खोज

