ओडिशा के बौद्ध स्थल विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में शामिल
जनवरी 2026 में यूनेस्को ने ओडिशा के प्रसिद्ध बौद्ध स्थलों- रत्नागिरि, उदयगिरि और ललितगिरि (डायमंड ट्रायंगल/हीरक त्रिभुज) को विश्व धरोहर की अस्थायी सूची (Tentative List) में आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया।
स्थलों के बारे में
- ये स्थल ऐतिहासिक रूप से परस्पर संबद्ध हैं और बौद्ध विचारधाराओं के क्रमिक विकास को दर्शाते हैं; इसीलिये इन्हें बौद्ध त्रिकोण कहा जाता है:
- ललितगिरि: प्रारंभिक थेरवाद केंद्र (ईसा पूर्व दूसरी–तीसरी शताब्दी से)।
- उदयगिरि: महायान तथा बाद में वज्रयान परंपरा का केंद्र।
- रत्नागिरि: भौमकर वंश के संरक्षण में प्रमुख वज्रयान केंद्र।
रत्नागिरि (जाजपुर)
- अर्थ: “रत्नों की पहाड़ी”; भुवनेश्वर से लगभग 100 किमी उत्तर-पूर्व में, बिरुपा और ब्राह्मणी ....
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