बागुरुम्बा नृत्य, असम
17 जनवरी, 2026 को प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी में आयोजित “बागुरुम्बा द्वौ (Bagurumba Dwhou), 2026” में भाग लिया।
- यह ऐतिहासिक सांस्कृतिक आयोजन असम के बोडो समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव था।
- इस अवसर पर 10,000 से अधिक कलाकारों ने एक साथ बागुरुम्बा नृत्य प्रस्तुत किया।
बागुरुम्बा नृत्य के बारे में
- बागुरुम्बा असम के बोडो समुदाय का पारंपरिक लोकनृत्य है।
- प्रारंभ में यह नृत्य फसल की कटाई, प्रकृति-पूजा एवं आध्यात्मिक अनुष्ठानों से संबंधित था।
- “बागुरुम्बा” शब्द दो बोडो शब्दों से मिलकर बना है-
- “बागु” का अर्थ है: पक्षी
- “रुम्बा” का अर्थ है: नृत्य
- यह नृत्य मुख्यतः ब्विसागु (Bwisagu) (बोडो नववर्ष) तथा डोमासी पर्व के अवसर पर किया ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 इंडोनेशिया में विश्व की सबसे प्राचीन ज्ञात शैल-चित्रकला की खोज
- 2 शिक्षापत्री द्विशताब्दी महोत्सव
- 3 कठपुतली कला
- 4 सावित्रीबाई फुले
- 5 तिरुवल्लुवर
- 6 ज़ेहनपोरा स्तूप उत्खनन: प्राचीन कश्मीर की बौद्ध धरोहर का अनावरण
- 7 भद्रकाली अभिलेख
- 8 आंध्र प्रदेश में आठवीं शताब्दी का तेलुगु अभिलेख प्राप्त
- 9 लक्कुंडी उत्खनन
- 10 पवित्र “पिपरहवा अवशेष”
इतिहास व कला एवं संस्कृति
- 1 ओडिशा के बौद्ध स्थल विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में शामिल
- 2 पवित्र “पिपरहवा अवशेष”
- 3 लक्कुंडी उत्खनन
- 4 आंध्र प्रदेश में आठवीं शताब्दी का तेलुगु अभिलेख प्राप्त
- 5 भद्रकाली अभिलेख
- 6 ज़ेहनपोरा स्तूप उत्खनन: प्राचीन कश्मीर की बौद्ध धरोहर का अनावरण
- 7 तिरुवल्लुवर
- 8 सावित्रीबाई फुले
- 9 कठपुतली कला
- 10 शिक्षापत्री द्विशताब्दी महोत्सव
- 11 इंडोनेशिया में विश्व की सबसे प्राचीन ज्ञात शैल-चित्रकला की खोज

