सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का हरित रूपांतरण; भारत की स्वच्छ औद्योगिक संक्रमण की रूपरेखा
21 जनवरी, 2026 को नीति आयोग द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट ने भारत के 6.9 करोड़ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के तीव्र हरित रूपांतरण की आवश्यकता रेखांकित की है, ताकि जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ-साथ आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता भी सुरक्षित रह सके। रिपोर्ट का तर्क है कि लक्षित नीतिगत समर्थन के अभाव में, भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाला यह क्षेत्र बढ़ते वैश्विक तथा नियामकीय दबावों के बीच अस्तित्वगत चुनौतियों का सामना कर सकता है।
MSMEs क्यों महत्त्वपूर्ण हैं और क्यों जोखिम में हैं?
- आर्थिक विकास की आधारशिला: भारत के 6.9 करोड़ एमएसएमई सकल मूल्य वर्धन ....
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