भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता व्यापार, प्रतिभा और आपूर्ति शृंखलाओं हेतु रणनीतिक पुनर्संयोजन
27 जनवरी, 2026 को 16वें भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और यूरोपीय संघ ने लंबे समय से प्रतीक्षित भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर वार्ताएं सफलतापूर्वक संपन्न कीं। यह उपलब्धि लगभग दो दशक पहले आरंभ हुई वार्ता के बाद साकार हुई है।
- यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब दोनों पक्षों के बीच आर्थिक संबंध पहले से ही काफी गहरे हैं।
- 2024–25 में भारत–यूरोपीय संघ वस्तु व्यापार का कुल मूल्य 137 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात 76 अरब डॉलर और आयात 61 अरब डॉलर का था। इसके साथ ही यूरोपीय संघ, भारत का तीसरा सबसे बड़ा ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 EV क्रांति और ऊर्जा अवसंरचना की चुनौती
- 2 कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और भारत के समक्ष चुनौतियाँ
- 3 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर बहस
- 4 बढ़ती गर्म रातें : भारत में उभरता नया हीट संकट
- 5 SIR प्रक्रिया से नागरिकता तक: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उभरे नए प्रश्न
- 6 समुद्री चोक पॉइंट्स: व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीति के निर्णायक द्वार
- 7 ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2026: उभरते डिजिटल क्षेत्र का समग्र नियामक ढांचा
- 8 दल-बदल विरोधी कानून: प्रासंगिकता, खामियां और सुधार की आवश्यकता
- 9 औद्योगिक आपदाएं: कारण, लागत और समाधान
- 10 एआई के उद्भव का प्रभाव: असीम संभावनाओं की राह और जोखिमपूर्ण चुनौतियां
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 रणनीतिक स्वायत्तता एवं UN चार्टर: वेनेजुएला और ग्रीनलैंड संकटों के संदर्भ में वैश्विक व्यवस्था की दिशा
- 2 शहरी अपशिष्ट जल प्रबंधन: संकट और सुधार की आवश्यकता
- 3 बायोमैटेरियल्स निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था के लिए पर्यावरण-अनुकूल विकल्प
- 4 भारत की किशोर न्याय व्यवस्था: पुनर्वास, उत्तरदायित्व और सुधार की चुनौती
- 5 नागरिक-केंद्रित स्वास्थ्य देखभाल भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की राह
- 6 सुदृढ़ भूजल शासन व्यवस्था: भारत की जल सुरक्षा की आधारशिला
- 7 भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना घरेलू शासन से वैश्विक सार्वजनिक हित तक
- 8 क्या अक्षय ऊर्जा भारत के लिए व्यापक रोजगार का नया आधार बन सकती है?
- 9 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का हरित रूपांतरण; भारत की स्वच्छ औद्योगिक संक्रमण की रूपरेखा

