महाराष्ट्र राजनीतिक संकट पर फैसला सुरक्षित
16 मार्च, 2023 को सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने महाराष्ट्र राजनीतिक संकट से संबंधित उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट की याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
- अगस्त 2022 में भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना के नेतृत्व वाली 3 न्यायाधीशों की पीठ ने इन याचिकाओं को संविधान पीठ के पास स्थानांतरित किया था।
- संविधान पीठ में चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस एमआर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा शामिल हैं।
मुख्य बिंदु
- संविधान पीठ ने आश्चर्य जताया कि क्या किसी पार्टी के भीतर विधायकों के बीच मतभेद राज्यपाल के ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 CISF, 250 से अधिक सीपोर्ट्स का सुरक्षा नियामक
- 2 ‘हमारा शौचालय, हमारा भविष्य’ अभियान
- 3 'युवा एआई फॉर ऑल' का शुभारंभ
- 4 अंगदान व आवंटन पर राष्ट्रीय एकरूप नीति का निर्देश
- 5 बिलों पर अनुमोदन समय-सीमा: सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
- 6 16वें वित्त आयोग ने राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट सौंपी
- 7 कॉर्पोरेट इन-हाउस काउंसिल को BSA की धारा 132 का संरक्षण नहीं
- 8 राष्ट्रीय उद्यानों व अभयारण्यों के आस-पास खनन गतिविधियों पर प्रतिबंध
- 9 भारतीय जेलों में विचाराधीन कैदियों की बहुलता
- 10 लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तीकरण हेतु राष्ट्रीय अभियान
- 1 7वीं अनुसूची के मूल्यांकन पर रिपोर्ट
- 2 प्रस्तावित डिजिटल इंडिया ऐक्ट, 2023
- 3 चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
- 4 अनुकंपापूर्ण नियुक्ति, मृतक आश्रितों का निहित अधिकार नहीं
- 5 सील्ड कवर न्याय-प्रक्रिया, निष्पक्ष न्याय की मूल प्रक्रिया के खिलाफ
- 6 आपदा जोखिम न्यूनीकरण हेतु राष्ट्रीय मंच की बैठक
- 7 भू-आधार के कार्यान्वयन पर राष्ट्रीय सम्मेलन : भूमि संवाद-IV
- 8 अंतर-सेवा संगठन विधेयक, 2023
- 9 गृह मंत्रालय द्वारा शत्रु संपत्तियों की बिक्री एवं बेदखली

