आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण एवं ट्रैकिंग (IVFRT) योजना
25 मार्च, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण एवं ट्रैकिंग (IVFRT) योजना को अगले 5 वर्षों (2026-2031) के लिए ₹1,800 करोड़ के परिव्यय के साथ जारी रखने की स्वीकृति दी।
IVFRT योजना क्या है?
- उद्देश्य: सुरक्षित एवं प्रौद्योगिकी-आधारित मंच के माध्यम से इमिग्रेशन, वीज़ा तथा विदेशी पंजीकरण प्रणालियों का आधुनिकीकरण एवं एकीकरण।
- कार्यान्वयन: यह योजना गृह मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जा रही है।
योजना की मुख्य विशेषताएं
- परस्पर जुड़ा डिजिटल नेटवर्क: यह योजना 117 से अधिक इमिग्रेशन चेक पोस्ट, 15 विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों (FRRO) और 854 विदेशी पंजीकरण कार्यालयों (FRO) को एक एकीकृत राष्ट्रीय डेटाबेस में ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 रचनात्मक पूर्वन्याय: विवादों के अंतिम समाधान का सिद्धांत
- 2 जून 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 3 क्रिटिकल मिनरल्स और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण
- 4 भारत में मानव-वन्यजीव संघर्ष
- 5 सेलुलर कृषि और संवर्धित मांस
- 6 भारत का बढ़ता रोग बोझ
- 7 जलवायु परिवर्तन और चुनाव
- 8 मरुस्थलीकरण और सूखे पर G7 घोषणा
- 9 अपशिष्ट जल प्रदूषण से समुद्री संरक्षित क्षेत्रों को खतरा
- 10 UAE का OPEC से बाहर निकलना

