आयुष चिकित्सा पद्धति सम्पूर्ण मानव स्वास्थ्य की कुंजी
इंडियन जर्नल ऑफ ट्रेडिशनल नॉलेज (IJTK) में हाल ही में प्रकाशित एक महत्वपूर्ण अध्ययन में पाया गया है कि 'सिद्ध' (Siddha) औषधियों के संयोजन से किशोरियों में एनीमिया को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि सिद्ध उपचार पद्धति 'आयुष चिकित्सा' का ही एक घटक है। आयुष चिकित्सा पद्धति को भारतीय चिकित्सा पद्धति के नाम से भी जाना जाता है; इसमें आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पद्धतियां शामिल हैं।
- वर्तमान में सरकार आयुष चिकित्सा प्रणाली को बढ़ावा देने पर व्यापक रूप से ध्यान केन्द्रित कर रही है। 30 अगस्त, 2024 को केन्द्रीय आयुष ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का हरित रूपांतरण; भारत की स्वच्छ औद्योगिक संक्रमण की रूपरेखा
- 2 क्या अक्षय ऊर्जा भारत के लिए व्यापक रोजगार का नया आधार बन सकती है?
- 3 भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना घरेलू शासन से वैश्विक सार्वजनिक हित तक
- 4 सुदृढ़ भूजल शासन व्यवस्था: भारत की जल सुरक्षा की आधारशिला
- 5 नागरिक-केंद्रित स्वास्थ्य देखभाल भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की राह
- 6 भारत की किशोर न्याय व्यवस्था: पुनर्वास, उत्तरदायित्व और सुधार की चुनौती
- 7 बायोमैटेरियल्स निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था के लिए पर्यावरण-अनुकूल विकल्प
- 8 भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता व्यापार, प्रतिभा और आपूर्ति शृंखलाओं हेतु रणनीतिक पुनर्संयोजन
- 9 शहरी अपशिष्ट जल प्रबंधन: संकट और सुधार की आवश्यकता
- 10 रणनीतिक स्वायत्तता एवं UN चार्टर: वेनेजुएला और ग्रीनलैंड संकटों के संदर्भ में वैश्विक व्यवस्था की दिशा

