राजस्थान के प्रमुख लोक नाट्य
लोक नाट्य की कथाएं, संवाद व गीत लोकमानस में प्रचलित व उनकी रुचि के अनुरूप होते हैं। ये जनसामान्य के मनोरंजन के लिए उन्हीं के द्वारा मंचित किये जाते हैं। वर्तमान में ऐतिहासिक, पौराणिक व लोक कथाओं के साथ-साथ राजनीति, शासन व्यवस्था व अद्यतन घटनाक्रम को भी इनके द्वारा व्यक्त किया जाता है। राजस्थान के लोकनाट्य बहुरूपी और बहुरंगी हैं।
ख्याल
- ख्याल 18वीं सदी की शुरुआत से ही राजस्थान के लोक नाट्यों में शामिल थे।
- इन ख्यालों की विषय-वस्तु पौराणिक या वीराख्यान से संबंधित होती है, जिनमें ऐतिहासिक तत्व भी होते हैं।
- भौगोलिक अंतर के कारण इन ख्यालों ने विभिन्न रूप ग्रहण ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

