भारत में 3 नए रामसर स्थल
14 अगस्त, 2024 को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, भारत के तीन अन्य स्थलों को रामसर कन्वेंशन के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि के रूप में मान्यता दी गई है।
- भारत के इन 3 नए रामसर स्थलों में तमिलनाडु में नंजरायण पक्षी अभयारण्य (Nanjarayan Bird Sanctuary) और काज़ुवेली पक्षी अभयारण्य (Kazhuveli Bird Sanctuary) तथा मध्य प्रदेश का तवा जलाशय (Tawa Reservoir) शामिल है।
- इस प्रकार भारत में रामसर स्थलों की संख्या 82 से बढ़कर 85 हो गई है।
- ये नए नामित स्थल देश में आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन के लिए पर्यावरण, ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बैक्ट्रियन ऊँट
- 2 भारत में दुर्लभ ‘एंट फ्लाई’ की 2 नई प्रजातियों की खोज
- 3 भारतीय कार्बन बाज़ार के अनुपालन दायरे का विस्तार
- 4 अनैतिक वन्यजीव फ़ोटोग्राफी से दुर्लभ ‘गैलेक्सी फ्रॉग’ के अस्तित्व पर संकट
- 5 यूरोपीय संघ का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज़्म (CBAM)
- 6 सूक्ष्म क्रस्टेशियन के नए वंश एवं प्रजाति की खोज
- 7 मीठे पानी की पफरफिश से विषाक्तता
- 8 IRENA महासभा का समापन: वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देने पर बल
- 9 कोंडगई झील से 4,500 वर्षों का जलवायु अभिलेख पुनर्निर्मित
- 10 भारतीय स्किमर संरक्षण हेतु BNHS–NMCG परियोजना
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
- 1 ग्रेट बैरियर रीफ को खतरा
- 2 अंटार्कटिका के तापमान में औसत से 10°C अधिक वृद्धि
- 3 राज्यों से कीटनाशकों के उपयोग पर अंकुश लगाने का आग्रह
- 4 देश में लगभग 10,600 मेगावाट भूतापीय बिजली की क्षमता
- 5 भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता
- 6 वैश्विक बाढ़ की घटनाओं में वृद्धि
- 7 अरावली पर्वतमाला को खतरा
- 8 बैलास्ट वाटर का प्रबंधन
- 9 आर्कटिक की नदियों में पारा

