बायोचार: अपशिष्ट प्रबंधन और कार्बन अवशोषण का एक स्थायी विकल्प
हाल ही में केंद्र सरकार ने 2026 तक देश में कार्बन बाज़ार को स्थापित करने के संबंध में जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार की इस पहल से बायोचार (biochar) जैसी कार्बन डाईऑक्साइड निष्कासन तकनीकों (CO2 removal technologies) को प्रमुखता प्राप्त होने की उम्मीद है।
- बायोचार, एक कार्बन-समृद्ध चारकोल है जो कृषि अवशेषों, जैविक ठोस अपशिष्ट और अन्य बायोमास को ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में उच्च तापमान पर गर्म करके बनाया जाता है। इन तकनीकों द्वारा कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन पर नियंत्रण लगने की भी उम्मीद है।
- भारत हर साल 600 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक कृषि अपशिष्ट और 60 मिलियन टन ....
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