समावेशी 'ब्लू इकोनॉमी' और तटीय विरासत का पुनरुद्धार
भारत अपनी समुद्री बुनियादी ढांचे, मत्स्य पालन, महासागर प्रौद्योगिकी और तटीय विकास का विस्तार कर रहा है। इसी संदर्भ में 'ब्लू इकोनॉमी' (नीली अर्थव्यवस्था) की अवधारणा ने नीति-निर्माताओं का ध्यान आकर्षित किया है, जिसका मूल उद्देश्य आर्थिक विकास के साथ-साथ समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित करना है।
'ब्लू इकोनॉमी' क्या है और भारत के लिए इसका महत्व
- ब्लू इकोनॉमी का तात्पर्य आर्थिक विकास, आजीविका और पारिस्थितिक संरक्षण के लिए महासागर और तटीय संसाधनों के सतत उपयोग से है। इसमें मत्स्य पालन,शिपिंग, तटीय पर्यटन, अपतटीय नवीकरणीय ऊर्जा,समुद्री जैव प्रौद्योगिकी और गहरे समुद्र के खनिज जैसे ....
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