मुक्त व्यापार समझौते : चुनौतियां, लाभ एवं संभावनाएं
मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का तात्पर्य दो या दो से अधिक देशों के बीच एक ट्रेड ब्लॉक के निर्माण के लिए मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किया जाना है। इसके बाद यह एक मुक्त व्यापार क्षेत्र (free-trade area) बन जाता है।
- इस क्षेत्र में आयात और निर्यात पर किसी तरह का कोई प्रतिबन्ध, आयात कोटा या प्रशुल्क नहीं लगाया जाता। इससे आबाधित एक दूसरे देशों में वस्तुओं और सेवाओं का आयात-निर्यात बढ़ता है।
- FTA में वस्तुओं की कीमतें निर्धारित करने में मांग और पूर्ति का नियम लागू होता है। इससे एक तो किसी एक देश का अपने बाजार से एकाधिकार (Monopoly) समाप्त ....
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