भारत की खाद्य भंडारण क्षमता : अनाज के बेहतर प्रबंधान हेतु एक वृहत् योजना की आवश्यकता
हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विभिन्न योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से ‘सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी फूड स्टोरेज योजना/अनाज भंडारण योजना’ को मंजूरी प्रदान की। योजना के लिए 1 लाख करोड़ रुपए के परिव्यय का निर्धारण किया गया है।
- इस योजना के तहत प्रखंड स्तर (Block Level) पर अतिरिक्त विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण क्षमता सृजित करने का निर्णय लिया गया है, जो कृषि क्षेत्र को सशक्त करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
- खाद्यान्न भंडारण क्षमता में वृद्धि से देश में बाजार अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ किसानों के लिए फसलों के लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने में ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का हरित रूपांतरण; भारत की स्वच्छ औद्योगिक संक्रमण की रूपरेखा
- 2 क्या अक्षय ऊर्जा भारत के लिए व्यापक रोजगार का नया आधार बन सकती है?
- 3 भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना घरेलू शासन से वैश्विक सार्वजनिक हित तक
- 4 सुदृढ़ भूजल शासन व्यवस्था: भारत की जल सुरक्षा की आधारशिला
- 5 नागरिक-केंद्रित स्वास्थ्य देखभाल भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की राह
- 6 भारत की किशोर न्याय व्यवस्था: पुनर्वास, उत्तरदायित्व और सुधार की चुनौती
- 7 बायोमैटेरियल्स निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था के लिए पर्यावरण-अनुकूल विकल्प
- 8 भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता व्यापार, प्रतिभा और आपूर्ति शृंखलाओं हेतु रणनीतिक पुनर्संयोजन
- 9 शहरी अपशिष्ट जल प्रबंधन: संकट और सुधार की आवश्यकता
- 10 रणनीतिक स्वायत्तता एवं UN चार्टर: वेनेजुएला और ग्रीनलैंड संकटों के संदर्भ में वैश्विक व्यवस्था की दिशा

