शहरी बाढ़ आपदा : कारण एवं प्रबंधन के प्रयास
जल शक्ति मंत्रालय द्वारा हाल ही में राज्य सभा में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार वर्ष 2012 से 2021 के मध्य भारत में बाढ़ और भारी बारिश से 17,422 लोगों की मृत्यु हुई।
- शहरी बाढ़ (Urban Flood) के लिए मुख्य रूप से छोटी अवधि की उच्च तीव्रता वाली वर्षा (High Intensity Rainfall of Short Duration) की बढ़ती घटनाएं जिम्मेदार हैं।
- इस कारण हाल के वर्षों में शहरी बाढ़ एक वार्षिक परिघटना बन गई है, जो मानसून की अवधि में भारत के कई महानगरों को प्रभावित कर रही है।
- इस वर्ष दिल्ली, गुरुग्राम जैसे प्रमुख शहरों में बाढ़ के कारण ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 समुद्री चोक पॉइंट्स: व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीति के निर्णायक द्वार
- 2 ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2026: उभरते डिजिटल क्षेत्र का समग्र नियामक ढांचा
- 3 दल-बदल विरोधी कानून: प्रासंगिकता, खामियां और सुधार की आवश्यकता
- 4 औद्योगिक आपदाएं: कारण, लागत और समाधान
- 5 एआई के उद्भव का प्रभाव: असीम संभावनाओं की राह और जोखिमपूर्ण चुनौतियां
- 6 जल-कुशल फसल नवाचार द्वारा भूजल दबाव का न्यूनीकरण
- 7 जलवायु परिवर्तनशीलता और निर्धनता का अंतर्संबंध: भारत में उभरती बहुआयामी चुनौती
- 8 भारत में खाद्य अपव्यय का विरोधाभास: भूख से जूझते भारत में संसाधनों की विडंबना
- 9 भारत में लुप्त होती झीलें: सामाजिक-पारिस्थितिक स्थिरता के लिए एक खतरा
- 10 बाह्य अंतरिक्ष शासन: वैश्विक शक्ति-संतुलन का उभरता क्षेत्र

