प्रधानमंत्री जी-वन (जैव ईंधन- वातावरण अनुकूल फ़सल अवशेष निवारण) योजना

सरकार ने एकीकृत बायोएथेनॉल परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए फ्प्रधानमंत्री जी-वन योजनाय् को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत लिग्नोसेलुलॉसिक बायोमास (एलसी बायोमास) और अन्य नवीकरणीय फीडस्टॉक का उपयोग करके बायोएथेनॉल का उत्पादन किया जाता है।

  • यह योजना 2जी (द्वितीय पीढ़ी) इथेनॉल क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए एक उपयुक्त पारिस्थितिकी तंत्रा स्थापित करता है। इस क्षेत्र में वाणिज्यिक परियोजनाओं की स्थापना, अनुसंधान एवं विकास बढ़ाने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का एक कदम है। इससे 2022 तक 10 प्रतिशत इथेनॉल सम्मिश्रण के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
  • इस योजना के तहत, 12 वाणिज्यिक परियोजनाओं और 10 प्रदर्शन (demonstration scale) को दूसरी पीढ़ी (2जी) इथेनॉल परियोजना के रूप में सहायता प्रदान की जाएगी। यह दो चरणों में व्यवहार्यता अंतराल अनुदान (वीजीएफ) के माध्यम से प्रदान की जाएगीः
  1. चरण-I (2018-19 से 2022-23): जिसमें 6 वाणिज्यिक परियोजनाएं और 5 प्रदर्शन परियोजनाओं का समर्थन किया जाएगा।
  2. चरण-II (2020-21 से 2023-24): जिसमें 6 व्यावसायिक परियोजनाएं और 5 प्रदर्शन परियोजनाएं समर्थित होंगी।

लाभ

  • जैव ईंधन से जीवाश्म ईंधन को प्रतिस्थापित कर आयात निर्भरता कम करेगा।
  • जीवाश्म ईंधन के प्रगतिशील सम्मिश्रण / प्रतिस्थापन के माध्यम से ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में कमी के लक्ष्यों को प्राप्त करना।
  • बायोमास / फसल अवशेषों को जलाने और नागरिकों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संबंधी चिंताओं को कम करना।
  • किसान आय में सुधार करके उन्हें उनके कृषि अवशेषों से अतिरिक्त आय प्रदान करना।
  • 2 जी इथेनॉल परियोजनाओं और बायोमास आपूर्तिश्रृंखला में ग्रामीण और शहरी रोजगार के अवसर पैदा करना।
  • अनप्रयुक्त बायोमास और शहरी कचरे जैसे गैर-खाद्य जैव ईंधन फीड स्टॉक के एकत्रीकरण के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन में योगदान करना।

शहरी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क

  • शहरी गैस वितरण नेटवर्क या सीजीडी नेटवर्क पाइपलाइनों के एक नेटवर्क के माध्यम से घरेलू, वाणिज्यिक या औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को प्राकृतिक गैस के परिवहन या वितरण को संदर्भित करता है।
  • पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड शहरी गैस वितरण नेटवर्क विकसित करने के लिए संस्थाओं को प्राधिकृत करता है। सीजीडी सेक्टर के चार अलग-अलग सेगमेंट हैं। संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) को मुख्य रूप से ऑटो-फ्यूल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का प्रयोग घरेलू, व्यवसायिक और औद्योगिक खंड में किया जाता है।
  • वर्तमान में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 81 भौगोलिक स्थानों में सीजीडी नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जो लगभग चार मिलियन घरों में पीएनजी के रूप में स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन की आपूर्ति करता है। पिछले पांच वर्षों (2014-2019) में शहरी गैस वितरण (CGD) नेटवर्क का विस्तार 34 भौगोलिक स्थालों से 228 भौगोलिक स्थालों तक हो गया है, जिसमें 406 जिले शामिल हैं।
  • सरकार ने वाहनों के लिए कड़े उत्सर्जन मानक तेयार किए है औरकार्बन पदचिह्न को कम करने के लिए ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने की योजना बनाई है।