ग्रामीण भारत का डिजिटल रूपांतरण : ग्रामीण समुदायों के विकास हेतु प्रौद्योगिकी का उपयोग - डॉ. अमरजीत भार्गव
ग्रामीण क्षेत्रों की आजीविका में सुधार के लिए डिजिटल अनुप्रयोगों में व्यापक संभावनाएं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा डिजिटल नवाचार के लिए सक्षम वातावरण प्रदान करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। मौजूदा नीतियों में सुधार के माध्यम से भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को और अधिक कुशल एवं उन्नत बनाने की आवश्यकता है। इस दिशा में कम लागत पर डेटा और सूचना तक पहुंच प्रदान करने के लिए ग्रामीण कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। यह ग्रामीण युवाओं को उनकी पूरी क्षमता का एहसास करने तथा किसानों के सामानों की बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 'क्लाइमेट टिपिंग पॉइंट्स' पर बढ़ता विवाद
- 2 चिकित्सा आपात स्थितियों में 'प्रोटीन जैव-सेंसर' की भूमिका
- 3 फास्ट ट्रैक कोर्ट: क्या परीक्षा पेपर लीक जैसे अपराधों पर लगेगी प्रभावी रोक?
- 4 Gen Z आंदोलन: विरोध-प्रदर्शन का अधिकार और संवैधानिक सीमाएँ
- 5 अमेरिका–ईरान इस्लामाबाद समझौता: पश्चिम एशिया में नई कूटनीतिक शुरुआत
- 6 अल नीनो : भारत के लिए एक गंभीर विकासात्मक चुनौती क्यों?
- 7 भारत का अप्रत्याशित 'बेबी बस्ट': विश्व के लिए एक जनसांख्यिकीय चेतावनी
- 8 भारत में रोजगार योग्यता संकट: डिग्री और कौशल के बीच बढ़ती खाई
- 9 16वाँ वित्त आयोग: कर-वितरण, उपकर और संघीय संतुलन का प्रश्न
- 10 भारत में ध्वनि प्रदूषण : पर्यावरणीय न्याय की नई चुनौती

