बायो-एआई “मूलांकुर” हब

19 फरवरी 2026 को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा की कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) तथा जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (BIRAC) वर्ष 2026 में “बायो-एआई मुलांकुर” हब स्थापित करेंगे, जिसका उद्देश्य जैव-प्रौद्योगिकी अनुसंधान के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का एकीकरण करना है।

  • बायो-एआई मुलांकुर हब एक प्रस्तावित एकीकृत अनुसंधान मंच है, जो एआई-आधारित पूर्वानुमान, प्रयोगशाला सत्यापन तथा डेटा विश्लेषण को एक क्लोज्ड-लूप ढाँचे में संयोजित करेगा।
  • ये हब जीनोमिक्स निदान, जैव-अणु अभिकल्पना (बायोमॉलिक्यूलर डिज़ाइन), कृत्रिम जीवविज्ञान (सिंथेटिक बायोलॉजी) तथा आयुर्वेद-आधारित वैज्ञानिक अनुसंधान पर केंद्रित होंगे।
  • DBT के अंतर्गत एआई-संचालित जीन अनुक्रमण का उद्देश्य व्यक्तिगत आनुवंशिक प्रोफ़ाइल ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी