शालीमार व्हीट-4 और शालीमार व्हीट-3
- हाल ही में शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी, कश्मीर (SKUAST-K) के वैज्ञानिकों ने कश्मीर में धान-गेहूं फसल चक्र को सुदृढ़ बनाने के लिए 2 नई शीघ्र परिपक्व होने वाली गेहूं की किस्में विकसित की हैं।
- इन नई किस्मों के नाम शालीमार गेहूं-4 (SW-4) और शालीमार गेहूं-3 (SW-3) हैं।
- SW-4 मई के अंतिम सप्ताह तक परिपक्व हो जाती है। वहीं SW-3 जून के पहले सप्ताह तक परिपक्व हो जाती है।
- शीघ्र परिपक्वता के कारण किसानों को समय पर धान की रोपाई के लिए खेत तैयार करने में सुविधा मिलती है।
- दोनों किस्में पीली रतुआ (Yellow Rust) नामक प्रमुख कवकीय रोग के प्रति प्रतिरोधी ....
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