‘इनसाइड-आउट’ ग्रह प्रणाली ने ग्रह-निर्माण सिद्धांतों को दी चुनौती

हाल ही में खगोलविदों ने एक असामान्य ग्रह प्रणाली की खोज की है, जो ग्रह निर्माण के पारंपरिक मॉडलों को चुनौती देती है।

खोज

  • यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के कैरेक्टराइजिंग एक्सोप्लैनेट सैटेलाइट [CHEOPS (CHaracterising ExOPlanet Satellite)] उपग्रह ने इस प्रणाली का अवलोकन किया।
  • यह प्रणाली LHS 1903 नामक लाल बौने तारे (Red Dwarf Star) की परिक्रमा करती है, जो पृथ्वी से लगभग 117 प्रकाश-वर्ष दूर है।
  • इसमें चार ग्रह हैं- दो पथरीले ‘सुपर-अर्थ’ और दो गैसीय ‘मिनी-नेपच्यून’
  • सबसे बाह्य ग्रह पथरीला है, जबकि सिद्धांत के अनुसार उसे गैसीय होना चाहिए।
  • सभी ग्रह अपने तारे के इतने निकट हैं कि उनकी दूरी बुध और सूर्य ....

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