बलपूर्वक नार्को-एनालिसिस टेस्ट कानूनन स्वीकार्य नहीं
9 जून, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी आरोपी का बलपूर्वक नार्को-एनालिसिस टेस्ट कराना कानूनन अनुमन्य नहीं है और ऐसा परीक्षण करना उसके मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
- अपने इस निर्णय में शीर्ष अदालत ने पटना उच्च न्यायालय के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें आरोपियों पर बिना उनकी सहमति के नार्को-एनालिसिस टेस्ट की अनुमति दी गई थी।
- वाद: अमलेश कुमार बनाम बिहार राज्य।
- पीठ: जस्टिस संजय करोल एवं जस्टिस प्रसन्ना बी वराले।
निर्णय के मुख्य बिंदु
- नार्को-एनालिसिस टेस्ट बिना सहमति के नहीं कराया जा सकता, और ऐसे परीक्षण के परिणाम किसी आपराधिक मामले में दोषसिद्धि का ....
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