FCNR(B) जमा योजना: विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने की RBI की नई पहल
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश में विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने और बाह्य क्षेत्र (External Sector) की तरलता मजबूत करने के उद्देश्य से सितंबर 2026 तक 3–5 वर्ष की अवधि वाली नई Foreign Currency Non-Resident (Bank) [FCNR(B)] जमा योजनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष व्यवस्था की घोषणा की है। इसके तहत बैंकों को रियायती शर्तों पर RBI के साथ स्वैप सुविधा भी मिलेगी।
FCNR(B) जमा क्या है?
FCNR(B) एक सावधि जमा (Fixed Deposit) योजना है, जिसमें अनिवासी भारतीय (NRI), ओवरसीज़ सिटीज़न ऑफ इंडिया (OCI) और भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) अमेरिकी डॉलर, यूरो, पाउंड, येन आदि विदेशी मुद्राओं में ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 रचनात्मक पूर्वन्याय: विवादों के अंतिम समाधान का सिद्धांत
- 2 जून 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 3 क्रिटिकल मिनरल्स और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण
- 4 भारत में मानव-वन्यजीव संघर्ष
- 5 सेलुलर कृषि और संवर्धित मांस
- 6 भारत का बढ़ता रोग बोझ
- 7 जलवायु परिवर्तन और चुनाव
- 8 मरुस्थलीकरण और सूखे पर G7 घोषणा
- 9 अपशिष्ट जल प्रदूषण से समुद्री संरक्षित क्षेत्रों को खतरा
- 10 UAE का OPEC से बाहर निकलना
- 1 भारत का फिनटेक इकोसिस्टम और मेटा–CRED डील
- 2 भारत–अमेरिका व्यापार वार्ता के मायने
- 3 आरबीआई का रिकॉर्ड अधिशेष हस्तांतरण
- 4 सेबी के नए सुधार: पूंजी बाज़ार को मिलेगी नई गति
- 5 सकल FDI बनाम शुद्ध FDI
- 6 रिकॉर्ड रेमिटेंस: प्रवासी भारतीयों से भारत को 110 अरब डॉलर
- 7 आरबीआई की मौद्रिक नीति: रेपो दर 5.25% पर बरकरार
- 8 सरकारी बॉन्ड में विदेशी निवेशकों को कर छूट
- 9 WPI से PPI: आर्थिक आँकड़ों की नई परिभाषा
- 10 MSCI रीबैलेंसिंग और भारतीय शेयर बाजार पर इसका प्रभाव
- 11 रुपये का अवमूल्यन: कारण, प्रभाव एवं RBI की भूमिका

