ओडिशा में मिले 15 मिलियन वर्ष पुराने जीवाश्म: प्राचीन समुद्री इतिहास के प्रमाण
18 जून 2026 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के महुलिया गांव के पास स्थित 'असुर हाड़' नदी में लगभग 1.5 करोड़ (15 मिलियन) वर्ष पुराने जीवाश्म मिले हैं। स्थानीय लोग इस क्षेत्र को 'असुर हाड़' (दानवों की हड्डियाँ) कहते हैं, क्योंकि यहाँ नदी तल में हड्डियों जैसी वस्तुएं बिखरी हुई मिलती हैं।
वैज्ञानिक विश्लेषण और साक्ष्य
शोधकर्ताओं के अनुसार, ये जीवाश्म 'मायोसीन युग' (Miocene Epoch) के हैं। एमपीसी स्वायत्त कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. देबब्रत नंदी और उनके छात्रों ने शोध के दौरान शार्क के दांत, शार्क की कशेरुका (vertebrae) जैसे सूक्ष्म जीवाश्म और कई अन्य अज्ञात अवशेष बरामद ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी
- 2 ग्रेट निकोबार परियोजना: राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम पारिस्थितिकी और आदिवासी अधिकार
- 3 नकली वकील : कानूनी पेशे में संकट
- 4 मई 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 5 पुरस्कार एवं सम्मान
- 6 नियुक्ति और त्यागपत्र
- 7 रक्षा (Defense)
- 8 खेल समाचार
- 9 अर्थव्यवस्था
- 10 पर्यावरण एवं पारिस्थिकी
इतिहास व कला एवं संस्कृति
- 1 जम्मू-कश्मीर ने सूफियाना संगीत के लिए यूनेस्को (UNESCO) मान्यता की मांग की
- 2 NCERT पाठ्यपुस्तक में 'डांसिंग गर्ल' की मूल तस्वीर लगाने का निर्णय
- 3 स्वदेशी शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को जीआई (GI) मान्यता
- 4 राखीगढ़ी के अवशेष: सिंधु-सरस्वती सभ्यता के रहस्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण
- 5 आयुर्वेद पांडुलिपियों का लिप्यंतरण हेतु आयुष मंत्रालय द्वारा कार्यशाला का आयोजन
- 6 वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक

