डीएसटी की जल प्रौद्योगिकी पहल
- DST की जल प्रौद्योगिकी पहल (WTI) SDG 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) के अनुरूप है, जो पानी और स्वच्छता की सार्वभौमिक पहुंच और स्थायी प्रबंधन की गारंटी देती है।
- यह कार्यक्रम राष्ट्रीय ‘स्वच्छ भारत’, ‘नमामि गंगे’ और ‘जल जीवन मिशन’ पहल के दृष्टिकोण से भी प्रासंगिक है।
- WTI आर्सेनिक, आयरन और फ्रलोराइड का पता लगाने, निगरानी और शमन को बढ़ावा देने के लिए शुरू हुई थी ।
- अलवणीकरण मिशन (NMD), 2017 नीति आयोग की सलाह पर DST द्वारा, देश की जल सुरक्षा सुनिश्चित करने और देश के पानी की कमी वाले क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
पत्रिका सार
- 1 पीएम गति-शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान
- 2 राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना
- 3 रेल अवसंरचना
- 4 बंदरगाह अवसंरचना
- 5 यूनिटी मॉल
- 6 कृषि अवसंरचना
- 7 जी-20: ग्लोबल स्टार्टअप पारिस्थितिक तंत्र
- 8 अंतरिक्ष अवसंरचना
- 9 आदित्य एल-1 मिशन
- 10 हरित एवं स्वच्छ ग्रामीण भारत के लिए विजन
- 11 ग्रामीण भारत हरित विकास की ओर
- 12 हरित गांवः नए भारत की नई पहचान
- 13 कृषि पारिस्थितिकीय दृष्टिकोण
- 14 हरे-भरे गांवों के लिए जल का महत्व
- 15 समावेशी विकास के लिए एकीवृळत सौर ग्राम योजना
- 16 कृषि अपशिष्ट प्रबंधन
- 17 हरित पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
- 18 अंतः विषय साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन (NMICPS)
- 19 राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशनः स्वदेश निर्मित सुपरकंप्यूटर
- 20 देश की प्रगति के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
- 21 विज्ञान में लैंगिक समानता सुनिश्चित करना
- 22 जलवायु परिवर्तन का सामना करना
- 23 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना

