भारत की खंडित औषधीय विनियामक प्रणाली: एकीकृत एवं उत्तरदायी ढांचे की अनिवार्यता
भारत विश्व की सबसे बड़ी जेनेरिक दवा उत्पादक अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। देश की फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री न केवल घरेलू ज़रूरतों को पूरा करती है, बल्कि अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के कई देशों को जीवनरक्षक दवाएँ निर्यात करती है। लेकिन हाल के वर्षों में देश की औषधि नियामक प्रणाली में खामियाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। यह कमजोरी अब एक त्रासदी के रूप में सामने आई है।
- मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से 20 बच्चों की संदिग्ध किडनी फेलियर से मौतें इस कमी का ज्वलंत उदाहरण हैं। इन घटनाओं ने पूरे देश ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बच्चों के लिए डिजिटल सुरक्षा: अधिकार, जोखिम और नियामकीय अंतराल
- 2 ऊर्जा सुरक्षा: भारत का नया रणनीतिक दृष्टिकोण
- 3 भारत की जैव-अर्थव्यवस्था: नवाचार, अवसर और नीतिगत चुनौतियाँ
- 4 शहरी भारत की पुनर्कल्पना: एकीकृत, टिकाऊ और भविष्य-उन्मुख बुनियादी ढांचे की ओर
- 5 लोचशील आपूर्ति शृंखलाएँ: भारत की आर्थिक सुरक्षा का एक सुदृढ़ स्तंभ
- 6 भारत में सुदृढ़ नवाचार पारितंत्र का निर्माण: क्षमताएँ और संरचनात्मक बाधाएँ
- 7 प्रतीकात्मकता से परिवर्तन की ओर: भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी
- 8 भारत में गिग कर्मियों के अधिकार: मान्यता बनाम वास्तविकता
- 9 भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु: नैतिक मुद्दे एवं चुनौतियाँ
- 10 संप्रभु ऊर्जा आत्मनिर्भरता: भारत की रणनीतिक आवश्यकता
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 भारत-अफ़ग़ानिस्तान मान्यता के बिना संवाद-तालिबान के प्रति भारत की नई रणनीति - प्रियांशु
- 2 चीन का दुर्लभ भू-धातु निर्यात प्रतिबंध: वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर बढ़ता नियंत्रण
- 3 भारत में भीड़ प्रबंधन का संकट: त्रासदियों से सीख एवं भावी कार्यनीति
- 4 भारत–यूनाइटेड किंगडम: द्विपक्षीय साझेदारी का नया अध्याय
- 5 आरटीआई अधिनियम के 20 वर्ष: पारदर्शिता की एक ऐतिहासिक यात्रा एवं चुनौतियां
- 6 क्या भारत जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति बन सकता है?
- 7 गुटनिरपेक्ष आंदोलन और बहुध्रुवीयता की खोज सामूहिक कार्रवाई के माध्यम से प्रभुत्व का प्रतिरोध
- 8 पर्यावरणीय शासन में संघीय संतुलन की पुनर्समीक्षा क्या राज्यों को अधिक स्वायत्तता दी जानी चाहिए?
- 9 भारत–EFTA व्यापार समझौता: निवेश, रोजगार और प्रौद्योगिकी सहयोग के नए आयाम
- 10 भारत-रूस: रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष
- 11 स्वास्थ्य देखभाल सेवा में लार्ज लैंग्वेज मॉडल: उपयोगिता, चुनौतियाँ और नैतिक विमर्श

