क्या भारत जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति बन सकता है?
भारत में जैव-प्रौद्योगिकी (Biotechnology) का क्षेत्र इन दिनों नई ऊँचाइयों को छू रहा है। हाल ही में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (DBT) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2024–25 में यह बताया है कि भारत की जैव-अर्थव्यवस्था (Bioeconomy) अब 190 बिलियन डॉलर के आँकड़े को पार कर चुकी है, और सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक इसे 300 बिलियन डॉलर तक पहुँचाया जाए।
- सरकार ने वर्ष 2024 में BioE3 नीति (Biotechnology for Economy, Environment and Employment) को मंज़ूरी दी, जिसके तहत भारत को एक वैश्विक जैवनिर्माण केंद्र (Global Biomanufacturing Hub) के रूप में स्थापित करने की योजना है।
महत्वपूर्ण उपलब्धियां
- स्टार्टअप ....
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