संयुक्त राष्ट्र @80 सुधार, प्रतिनिधित्व एवं बदलती विश्व-व्यवस्था की चुनौतियां - आलोक सिंह
संयुक्त राष्ट्र (UN) के 80 वर्ष पूर्ण होना मानवता के उस विश्वास का प्रतीक है जो संवाद को संघर्ष पर वरीयता देता है। द्वितीय विश्व युद्ध की विभीषिका से जन्मा यह संगठन उपनिवेशवाद के अंत, विकास की प्रक्रिया और राजनयिक सहयोग का मार्गदर्शक रहा है। परंतु असमानता और बिखरी हुई भू-राजनीति के इस युग में इसके आदर्श सबसे कठिन परीक्षा के दौर से गुजर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र का भविष्य अब इस पर निर्भर करता है कि वह विशेषाधिकार को साझेदारी में, वक्तव्यों को सुधार में और आदर्शों को समावेशी सामूहिक कार्रवाई में कैसे बदलता है।
अक्टूबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र ....
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