नाभिकीय ऊर्जा: भारत के विकास-पथ की रणनीतिक कुंजी
भारत का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम केवल विद्युत उत्पादन का एक साधन नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ विकास और प्रौद्योगिकीय आत्मनिर्भरता की राष्ट्रीय आकांक्षा का प्रतिबिंब है। तथापि, कठोर कानूनी ढांचे, निवेशगत सीमाओं और विनियामक रिक्तताओं ने लंबे समय तक इसकी वास्तविक क्षमता को संकुचित बनाए रखा। आज, जब भारत तीव्र ऊर्जा मांग और वैश्विक जलवायु उत्तरदायित्व, दोनों का एकसाथ सामना कर रहा है, तब SHANTI अधिनियम, 2025 किसी नीतिगत-समापन का संकेत नहीं, बल्कि एक संस्थागत पुनर्संरेखण का प्रारंभ है, जिसका उद्देश्य शासन-व्यवस्था का आधुनिकीकरण, सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ीकरण और भविष्य-सक्षम परमाणु पारिस्थितिक तंत्र का निर्माण है।
भारत के रूपांतरण के लिए ....
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