अंगदान: सामाजिक उत्तरदायित्व एवं नैतिक प्रतिबद्धता
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि अंगदान की प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए राज्यों से परामर्श कर एक राष्ट्रीय नीति तैयार की जाए। यह पहल केवल कानूनी सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की नैतिक जिम्मेदारी और मानव जीवन की गरिमा से भी जुड़ी है। अंगदान जीवन बचाने का माध्यम है, और इसकी व्यवस्था जितनी पारदर्शी होगी, उतना ही यह नागरिकों के विश्वास और सहभागिता को बढ़ाएगी।
- अंगदान को चिकित्सा की आवश्यकता के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में देखना चाहिए, क्योंकि यह न केवल एक व्यक्ति का जीवन बचाता ....
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