जलवायु परिवर्तन का पृथ्वी के घूर्णन पर प्रभाव
हाल ही में, कैलिफोर्निया सैन डिएगो विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया है कि जलवायु परिवर्तन ने पृथ्वी के घूर्णन को थोड़ा धीमा कर दिया है। यह हमारे समय को मापने के तरीके को प्रभावित कर सकता है।
- मानव-प्रेरित ग्लोबल वार्मिंग के कारण ध्रुवीय बर्फ पिघल रही है, जिसके कारण पृथ्वी कम तेज़ी से घूम रही है। ध्रुव से भूमध्य रेखा की ओर पानी की आवाजाही के कारण पृथ्वी थोड़ी कम गोलाकार और अधिक चपटी हो गयी है। परिणामस्वरूप, ‘पृथ्वी का जड़त्व आघूर्ण’ (Moment of Inertia of Earth) बढ़ गया है।
- लाखों वर्षों में चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के कारण पृथ्वी ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 चंबल नदी में घटता प्रवाह डॉल्फिन आवास के लिए खतरा
- 2 असम में “बेंट-टोड गेको” की नई प्रजाति की खोज
- 3 भारत का पहला वॉटर न्यूट्रल कोचिंग डिपो
- 4 भारत का प्रथम राष्ट्रीय चमगादड़ आकलन
- 5 भारतीय सॉफ्टशेल कछुए की तस्करी से बचाव
- 6 कश्मीर में साही का खतरा एवं केसर उत्पादन पर प्रभाव
- 7 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
- 8 BRIC की पहली अनुसंधान सलाहकार बोर्ड बैठक
- 9 बाल्टिक सागर में फंसी हंपबैक व्हेल
- 10 मेक्सिको की खाड़ी में राइस व्हेल पर विलुप्ति का खतरा
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
- 1 पूर्वी घाट के जल निकायों में आक्रामक ‘सेलफिन कैटफ़िश’ का प्रसार
- 2 जैव विविधता कन्वेंशन के सहायक निकाय SBSTTA की बैठक
- 3 उर्वरक और मृदा स्वास्थ्य पर नैरोबी घोषणा
- 4 सीसा संदूषण
- 5 सजीवों में माइक्रोप्लास्टिक
- 6 तेल रिसाव की समस्या से निपटने हेतु संगोष्ठी का आयोजन
- 7 वेनेजुएला में ग्लेशियर की समाप्ति
- 8 भारत में मानसून का आगमन एवं उत्तर भारत में हीट वेव
- 9 सूक्ष्मजीवों द्वारा मीथेन का उत्पादन
- 10 कृषि भूमि से 6 मिलियन पेड़ गायब हूए

