​जलवायु परिवर्तन का पृथ्वी के घूर्णन पर प्रभाव

हाल ही में, कैलिफोर्निया सैन डिएगो विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया है कि जलवायु परिवर्तन ने पृथ्वी के घूर्णन को थोड़ा धीमा कर दिया है। यह हमारे समय को मापने के तरीके को प्रभावित कर सकता है।

  • मानव-प्रेरित ग्लोबल वार्मिंग के कारण ध्रुवीय बर्फ पिघल रही है, जिसके कारण पृथ्वी कम तेज़ी से घूम रही है। ध्रुव से भूमध्य रेखा की ओर पानी की आवाजाही के कारण पृथ्वी थोड़ी कम गोलाकार और अधिक चपटी हो गयी है। परिणामस्वरूप, ‘पृथ्वी का जड़त्व आघूर्ण’ (Moment of Inertia of Earth) बढ़ गया है।
  • लाखों वर्षों में चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के कारण पृथ्वी ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |