छत्तीसगढ़ में पहली फ्लोटिंग सौर परियोजना

भिलाई स्टील प्लांट (BSP) द्वारा हाल ही में की गई घोषणा के अनुसार उसके द्वारा अपने कार्बन पदचिह्न में सुधार के लिए ‘मरोदा-1 जलाशय’ (Maroda-1 Reservoir) में छत्तीसगढ़ की पहली 15-मेगावॉट (MW) फ्लोटिंग सौर परियोजना की स्थापना की जाएगी।

  • छत्तीसगढ़ स्थित भिलाई स्टील प्लांट, सरकारी स्वामित्व वाली स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की सहायक कंपनी है ।
  • यह सोलर प्लांट राज्य के दुर्ग जिले में स्थापित किया जाएगा।
  • इस संयंत्र से अनुमानित रूप से प्रति वर्ष कुल हरित बिजली उत्पादन लगभग 34.26 मिलियन यूनिट होने की संभावना है।
  • इस परियोजना से भिलाई स्टील प्लांट के CO2 उत्सर्जन में सालाना 28,330 टन ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |