कच्छ के 'कच्छ अजरख' को भौगोलिक संकेत

हाल ही में पेटेंट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क महानियंत्रक (CGPDTM) ने गुजरात के कच्छ क्षेत्र से सम्बद्ध 'कच्छ अजरख' को भौगोलिक संकेतक (GI) प्रमाण-पत्र प्रदान किया है।

  • अजरख एक कपड़ा शिल्प है, जो गुजरात के सांस्कृतिक ताने-बाने से संबंधित है।इसका गुजरात के सिंध, बाड़मेर और कच्छ के क्षेत्रों में विशेष सांस्कृतिक महत्त्व है, जहां इसकी विरासत सहस्राब्दियों से फैली हुई है।
  • अजरख का नामकरण 'अजरक' से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ है नील (indigo)। इसमें पारंपरिक रूप से तीन रंग शामिल होते हैं: नीला जो आकाश को दर्शाता है, लाल जो भूमि और अग्नि को दर्शाता है एवं सफेद जो सितारों को दर्शाता ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |