बाल विवाह पर रोक हेतु राजस्थान HC का निर्देश

1 मई, 2024 को राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि राज्य में कोई बाल विवाह न हो, और कहा कि यदि ऐसा होता है तो ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

  • अदालत ने यह आदेश संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत राजस्थान में बाल विवाह के खतरे को प्रभावी तरीके से तुरंत रोकने के लिए जयपुर निवासी सुशीला गोथला की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया ।
  • अदालत का आदेश 10 मई को होने वाले अक्षय तृतीया त्योहार से पहले आया। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में अक्षय तृतीया ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |