अनुच्छेद 19(1) (a) की नई संवैधानिक व्याख्या
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124A (देशद्रोह कानून) के अंतर्गत लंबित मुकदमे और अपीलें आगे बढ़ सकती हैं, यदि आरोपी को इस पर कोई आपत्ति न हो। यह निर्णय 2022 में दिए गए उस अंतरिम आदेश में आंशिक ढील है, जिसमें देशद्रोह से जुड़े मामलों पर रोक लगा दी गई थी।
मुख्य बिंदु
- धारा 124A IPC औपनिवेशिक काल का देशद्रोह कानून था।
- 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने इसके तहत नए FIR और लंबित कार्यवाहियों पर रोक लगाई थी।
- अब अदालत ने कहा कि आरोपी की सहमति होने पर मुकदमे ....
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