"भारत की कुल प्रजनन दर (TFR) का प्रतिस्थापन स्तर से नीचे गिरना एक 'जनसांख्यिकीय संक्रमण' का संकेत है।" इसके सामाजिक-आर्थिक निहितार्थों की चर्चा कीजिए, विशेषकर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच बढ़ती क्षेत्रीय असमानता के संदर्भ में।
उत्तर: राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (NFHS-5) द्वारा जारी एक रिपोर्टके अनुसार , भारत की कुल प्रजनन दर (TFR) घटकर 2.0 हो गई है, जो प्रतिस्थापन स्तर (2.1) से कम है। यह इस बात का संकेत है कि भारत का जनसांख्यिकीय संक्रमण अब 'उच्च जन्म और मृत्यु दर' से 'कम जन्म और मृत्यु दर' की अवस्था में पहुँच गया है।
सामाजिक-आर्थिक निहितार्थ:
- जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend): कार्यशील जनसंख्या (15-59 वर्ष) के अनुपात में वृद्धि अल्पकालिक आर्थिक विकास को गति दे सकती है।
- वृद्ध होती जनसंख्या (Ageing Population): भविष्य में वृद्धों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं और पेंशन योजनाओं पर राजकोषीय दबाव ....
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