विकासशील देशों (जैसे भारत) के लिए अपने महत्वाकांक्षी जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में 'जलवायु वित्त' और 'प्रौद्योगिकी हस्तांतरण' की क्या भूमिका है? चर्चा करें।
उत्तर: विकासशील देशों के लिए जलवायु लक्ष्य हासिल करना संसाधनों, तकनीक और वैश्विक सहयोग पर निर्भर एक जटिल लेकिन आवश्यक चुनौती है।
- जलवायु वित्त
- इसका अर्थ है शमन, अनुकूलन, आपदा-जोखिम न्यूनीकरण और हरित संक्रमण के लिए उपलब्ध घरेलू-अंतरराष्ट्रीय संसाधन। विकासशील देशों में यह नवीकरणीय ऊर्जा, जल-संरक्षण, जलवायु-स्मार्ट कृषि, स्वच्छ परिवहन और सुनम्य अवसंरचना के लिए पूंजीगत कमी को पूरा करता है।
- भारत जैसे देशों में ऊर्जा मांग तेजी से बढ़ती है; इसलिए बिना पर्याप्त वित्त के कोयला-निर्भरता कम करना, नेट-ज़ीरो की दिशा में बढ़ना और जलवायु न्याय सुनिश्चित करना कठिन होता है। इसी कारण विकसित देशों से अपेक्षित वित्तीय सहायता, अनुकूल ऋण ....
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