दिव्यांग व्यक्तियों का सशक्तीकरण : अधिकार आधारित दृष्टिकोण और समावेशी समाज की ओर बढ़ते कदम - संपादकीय डेस्क
भारत की कुल दिव्यांग आबादी का लगभग 45% हिस्सा अशिक्षित है, इसके अलावा शिक्षित दिव्यांग व्यक्तियों में से लगभग 59% मात्र 10वीं पास हैं। दिव्यांग व्यक्तियों (Person with Disabilities-PwD) को समाज में भेदभाव और उपेक्षा का भी सामना करना पड़ता है। सरकार ने दिव्यांग लोगों के कल्याण हेतु अनेक योजनाएं संचालित की हैं, बावजूद इसके दिव्यांग व्यक्तियों को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। भारत सरकार समावेशी नीतियों को लागू करके तथा शिक्षा और रोजगार तक समान पहुंच सुनिश्चित करके इन्हें सशक्त बना सकती है।
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