बैक्ट्रियन ऊँट

  • भारत के 77वें गणतंत्र दिवस की परेड में पहली बार ‘गलवान’ और ‘नुब्रा’ नामक दो कूबड़ वाले बैक्ट्रियन ऊँट शामिल हुए।
  • यह दो कूबड़ वाला ऊँट है, मध्य एशिया के शीत मरुस्थलों के लिए अनुकूलित प्रजाति है।
  • भारत में यह केवल नुब्रा घाटी (लद्दाख) में पाए जाते हैं।
  • स्थानीय नाम: स्थानीय रूप से इसे मुनद्री ऊँट” कहा जाता है।
  • अत्यंत दुर्लभ प्रजाति: भारत में इनकी संख्या लगभग 365 ही शेष बची है।
  • दो कूबड़: इनमें पानी नहीं, बल्कि वसा (Fat) संग्रहित रहती है, इसी के कारण ये 2–3 सप्ताह तक भोजन के बिना जीवित रह सकते हैं।
  • विशेष रक्त कोशिकाएं: इनके शरीर ....
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